एक छोटी सी कहानी - आपकी जिंदगी बदल सकती है

कभी-कभी हमारे जिंदगी में छोटी-छोटी बातें, छोटी-छोटी घटनाएँ महत्वपूर्ण साबित होती है हमारे जिंदगी को बदलने के लिए। आज मैं आपके लिए ऐसे ही एक छोटी सी कहानी लेकर आया हूँ जो आपके जिंदगी को बदलने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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एकबार की बात है, एक गाँव में एक गुफा थी जहाँ जाने से हर व्यक्ति डरता या कतराता था, क्योंकि जो भी व्यक्ति उस गुफा में गया था, वो कभी वापस लौट कर नहीं आया था। लगभग 300 व्यक्ति या 300 के आसपास व्यक्ति उस गुफा में गया था जो कभी वापस लौट कर नहीं आया। गाँव वाले इस गुफा से बहुत डरते थे।

एकबार की बात है, उस गाँव में एक नवयुवक यानि युवक आया। जैसे ही उसे इस बात का पता चलता है कि जो भी व्यक्ति उस गुफा के आसपास जाता है या उस गुफा में जाता है वो कभी वापस लौट कर नहीं आता है। वह युवा सोचने लगा की इस आधुनिक युग में ऐसा कैसे हो सकता है की कोई व्यक्ति उस गुफा में जायें और वापस न आये। मुझे इस बात का पता लगाना ही पड़ेगा।

उस युवा व्यक्ति ने सोचा की मैं उस गुफा में जाऊँगा और इसका सारा रहस्य गाँव वालों को बताऊंगा। तभी उस युवा ने गाँव वालों को बताया कि मैं उस गुफा में जा रहा हूँ और उस गुफा का सारा रहस्य आप सभी को बताऊँगा। लेकिन गाँव वालों ने उस युवा से कहने लगे- बेटा अगर तुम जिंदा वापस लौटोगे तभी न। आजतक लगभग 300 व्यक्ति के आसपास उस गुफा में गया है जो कभी वापस लौट कर आया ही नहीं। गाँव वालों ने उस युवा को डराने लगे। लेकिन वह युवा व्यक्ति डरने वाला नही था क्योंकि वह सकारात्मक ( Positive ) सोच का था। उसने सोचा कुछ भी हो मैं उस गुफा में जाकर ही रहूँगा।

इतनी बात गाँव वालों को कहकर वह युवा व्यक्ति उस गुफा की और चल पड़ा। जैसे-जैसे आगे बढ़ा वह गुफा के पास पहुँचा। उसे भी थोड़ा-थोड़ा डर लग रहा था लेकिन वह रुका नहीं चलता रहा। जैसे ही वह गुफा के अंदर घुसा वहाँ अँधेरा ही अँधेरा था। अँधेरे को देखकर उसे और भी डर लगा लेकिन वह फिर भी नहीं रुका आगे चलता गया। जैसे-जैसे वह आगे बढ़ा उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसका कोई पीछा कर रहा हो। जैसे ही उसने और आगे बढ़ा अँधेरा भी बढ़ा और उसे पीछे से एक जोड़ का धक्का लगा। वह युवा वही गिर गया और बेहोस हो गया।

 मुसाफिर हूँ यारों, न घर है न ठिकाना, मुझे चलते जाना है... बस चलते जाना है!!

जैसे ही उस युवा की आँख खुली उसके चारों ओर धन ही धन था। हीरे, सोने, चाँदी, जवाहरात और भी बहुत सारे प्रकार के धन-दौलत। ये सभी देखकर वह आश्चर्यचकित हो गया। उसके चारों ओर कुछ लोग खड़े थे। ये वही लोग थे जो गाँव से गुफा की ओर पहले आये थे।

उस युवा ने उन लोगो से पूछा- क्या हुआ ? मैं यहाँ कैसे आया ? उनलोगों में उसे बताया- जब हम भी यहाँ पर पहली बार आये थे तो समृद्धि को देखा और हम यही रुक गए। हमलोग यहाँ पर किसी को आने नहीं देते, क्योंकि अगर यहाँ लोगो की भीड़ बढ़ गई तो प्रॉब्लम खड़ी हो जाएगी।

जो भी व्यक्ति यहाँ आता है उसे हम पहले डराने की कोशिश करते है। अगर वह व्यक्ति नहीं डरता है तो हम उसे खींचकर अंदर ले आते है। हमनें तुम्हें भी डराने की कोशिश की मगर तुम निडर थे, इसलिए हमने तुम्हे भी खींचकर यहाँ ले आया। अब तुम भी हमारे साथ अपने जिंदगी को खुशी से जिओ।

जिस काम को करने में डर लगता है, उसको कर के दिखाना ही साहस कहलाता है।

जी हाँ दोस्तों, हमारे साथ भी ऐसा ही कुछ होता है। जब भी हम अपनी जिंदगी में कुछ नया काम करने जाते है, कुछ भी रिस्क लेते है, कुछ भी अच्छा करने जाते है अपने जिंदगी में, तब गाँव वालों की तरह हर व्यक्ति हमें डराने के लिए आगे बढ़ जाता है और हमें डराता भी है की अगर ऐसा किया तो पता नही क्या हो जायेगा- तुम मर सकते हो, तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।

एकबार आप सोच कर देखिये आप जो जिंदगी जी रहे है क्या वो बेहतर है। अगर नहीं तो इसमें बदलाव करने की जरूरत है। जब आप इस प्रकार की कठिनाइयों में जी रहे है तो इससे बुरा क्या होगा। हमें अपनी जिंदगी में कुछ नया रिस्क लेना होगा। जब तक हम अपनी जिंदगी में रिस्क नहीं लेंगे कभी भी आगे नहीं बढ़ेंगे। कहने के लिए तो बहुत लोग है, मगर आपको उस युवा की तरह अपने जिंदगी में रिस्क लेना होगा और आगे बढ़ना होगा।

ये निश्चय है कि जब जब आप अपने जिंदगी में आगे बढ़ेंगे या बढ़ने की कोशिश करेंगे तो हमें गाँव वालो की तरह डराने और धमकाने वाले हजारों लोग मिलेंगे। लेकिन आपको डरना नहीं है बस सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते जाना है और एक एकदिन सफल जरूर हो जाओगे।

हमेशा रिस्क लेने वाला व्यक्ति ही अपनी जिंदगी में सफल होता है। ये बात 100% सही है। रिस्क भी ले तो अपने ज्ञान और क्षमता के अनुसार ही लें। धन्यवाद । 



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