Best Motivational Story in Hindi 2020

नमस्कार साथियों, आज मैं आप सभी को बताने वाला हूँ की जब भी आप किसी लक्ष्य को पाने के लिए काम करना शुरू करते है तो उससे पहले आपको कौन-कौन सी ऐसी चीजें है जो आपको ध्यान में रखना है, जिसके बिना आप अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाओगे। इसका मतलब ये है कि आज मैं आपको प्रयास करने से पहले की प्लानिंग को बताने वाला हूँ। प्रयास करने से पहले आप अपने-आप से ऐसे कौन-कौन से प्रश्न पूछे जो आपके लिए बहुत जरूरी है। यदि ये प्रश्न नहीं होंगे तो आप फेल हो जायेंगे। किसी भी चीज के लिए प्रयास करने से पहले अपने आप से ये प्रश्न जरूर पूछे। जो नीचे क्रम अनुसार बताया गया है-

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Motivational Story in Hindi for Student


1. एक सही लक्ष्य है अथवा नहीं

आप ऐसे कई लोगों को देंखे होंगे जो मेहनत तो करने लगते है यानि प्रयास करने लगते है मगर उसके पास कोई लक्ष्य होता ही नही है। जब आप उससे पूछेंगे की आपको जाना कहा है तो उन्हें पता ही नहीं होता है कि उन्हें जाना कहा है। याद रखिये अगर आपके पास भी ऐसा ही लक्ष्य का आभाव है यानि इसके बारे में कोई ज्ञान ही नहीं है तो आप कभी भी सफल नहीं हो पायेंगे बल्कि फेल हो जायेंगे। अगर आपको अपने लक्ष्य का पता चल जायें तो फिर अपने आप से ये प्रश्न पूछे- 

2. पूरी तैयारी की है या नहीं 

कभी-कभी आप ये सोचते होंगे की हमने लक्ष्य तो बना लिया था मगर इसे हासिल नहीं कर पाया। ऐसा क्यों ? क्योंकि आपने लक्ष्य तो बना लिया मगर वहाँ तक पहुँचने के लिए जो पूरी की पूरी तैयारी होती है या जो पूरी की पूरी प्लानिंग होती है वो आपने पूरी की ही नहीं। सही प्लानिंग के आभाव के कारण ही आप अपने लक्ष्य तक पहुँच नहीं पाते है। पूरी तैयारी करने का मतलब यह है आपका जो लक्ष्य है उसके बारे में आपको A-Z जानकारी यानि शुरू से लेकर अंत तक की जानकारी आपको होना जरूरी है। 

अगर आपको अपने लक्ष्य तक पहुँचना है तो आपको अपने लक्ष्य के बारे में सभी चीजें पता होना चाहिए की आपका लक्ष्य कैसा है, उसे पाने के लिए कौन-कौन-सी समस्याएँ आ सकती है, यदि वे समस्याएँ आती है तो उस वक्त आप क्या क्या करेंगे या अगर आपके जैसा ही लक्ष्य किसी और का था उन्होंने अपने जिंदगी में उसे कैसे करके हासिल किया है। 

कई लोग अपने लक्ष्य को पाने के लिए घर से निकल तो जाते है मगर जब उनके सामने समस्याएँ आती है तो वो घबरा जाता है यानि विचलित हो जाता है क्योंकि उसने पूरी तैयारी की ही नहीं थी। अगर उसने पूरी तैयारी की होती तो उसे हर समस्या के बारे में पता होता और जब भी उसके जिंदगी में वे समस्याएँ आती तो वे विचलित नही होता। कभी भी टेंशन नहीं लेता और केवल अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता।

3. आपका नजरिया सकारात्मक है या नहीं 

अगर आपने लक्ष्य भी बना लिया और उसकी पूरी तैयारी भी कर ली तो अब आप अपने आप से ये पूछे की आपका नजरिया सकारात्मक है या नहीं अपने लक्ष्य को लेकर। दुनिया में दो चीज महत्वपूर्ण है सबसे पहले अपने आप से पूछिये की क्या आप इस लक्ष्य को पा सकते है ? आपके दिल से आवाज आना चाहिए की हाँ यही हमारा लक्ष्य है इसे कैसे भी करके हासिल करना है। दूसरी चीज आपको अपने लक्ष्य के प्रति सकारात्मक सोच रखना चाहिए उसमे किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए 

आप एक भीड़ वाली जगह में भाषण सुन रहे है और आपको अचानक से भाषण देने के लिए उठाया जाता है तो आप क्या महसूस करेंगे। आप उस समय बहुत घबरा जाते है कभी कभी तो आपके हाथ पाँव भी काँपने लगते है, ऐसा क्यों ? ऐसा इसलिए नहीं की आपको भाषण नहीं आता है, ऐसा ये सोचकर की आपको इस भीड़ वाली जगह से ही क्यों उठाया जा रहा है। इसी प्रकार लक्ष्य के साथ भी होता है। यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति सकारात्मक है तो कितने भी मुश्किलें आ जाएं आप हटेंगे नहीं बल्कि डटें रहेंगे। 

4. कार्य होने तक धैर्य रखना चाहिए 

कार्य होने तक आपको धैर्य रखना होगा क्योंकि ऐसे कई सारे लोग है यहाँ पर टूट जाते है। कई लोग तो ऐसे होते है जो काम शुरू किया ही नहीं की उसे रिजल्ट चाहिए या फिर रिजल्ट की चिंता होने लगती है। धैर्य न होने की मानसिकता ने कई ढ़ेर सारे लोगो के सपने को ख़त्म कर दिया क्योंकि वे बहुत ही अच्छे थे, बलवान थे, उसके पास बहुत सारे गुण थे लेकिन उसके पास एक चीज नहीं था जो की धैर्य है। आप इस बात को अच्छी तरह से जानते है कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसका रिजल्ट नहीं मिलता है। 

धैर्य की कमी के कारण ही आप जो काम कर रहे है होते है उसके प्रति आप ज्यादा उतावलापन हो जाते है या फिर आप उस काम को छोड़ कर किसी अन्य काम को करने लगते है। इस संसार में वही व्यक्ति सफल हुआ है जिसके पास धैर्य था। 

इस कहानी को समझने के लिए आप उदाहरण के तौर पर एक किसान को ले सकते है। एक किसान अपना लक्ष्य बनाता है कि अगले सीजन में अपने खेतों में क्या बोना है। ये हुआ उसका लक्ष्य। जब वो सोच लेता है की हमे ये फसल लगानी है तो वे पहले से ही उसके बीज और जुताई का काम शुरू कर देता है। ये हुआ किसान का अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तैयारी। जब वो किसान बीज बो लेता है तो अपने फसल के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच रखता है और अपने फसल में पानी, खाद इत्यादि दे देकर उसे सही समय पर काट भी लेता है। क्योंकि किसान के पास धैर्य था। 

हमने क्या सीखा 

अगर आप एक विद्यार्थी है तो सबसे पहले आप अपनी पढाई को पूरी करे। अगर आपने 10th और 12th या फिर Graduation भी कर ली तो आप एक लक्ष्य बनाए। मान लीजिए आपको रेलवे की जॉब करनी है तो ये हुआ आपका लक्ष्य की हमे रेलवे की जॉब करनी है। अब आप रेलवे जॉब्स की परीक्षा के बारे में पूरी जानकारी ले की परीक्षा किस प्रकार की होती है, परीक्षा देने के लिए कौन-कौन सी डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी। इसी प्रकार की सभी प्रश्नों को ढूंढे और उसका हल भी निकाले। ये हुआ आप अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तैयारी की। 

जब आप रेलवे जॉब्स की तैयारी कर रहे है तो आप हमेशा ये सोच रखे की हमे केवल और केवल रेलवे परीक्षा की ही तैयारी करनी है। आपका सोच यहाँ रेलवे जॉब्स के प्रति कभी नकारात्मक नहीं होना चाहिए। ऐसा न की किसी ने आपको रेलवे के बारे में गलत जानकारी दी की इसकी सैलरी कम है और ये जॉब बढ़िया नहीं है तो इस समय आप घबराये नहीं बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा पॉजिटिव रहे। 

दोस्त, एक वही व्यक्ति सफल होता है जो केवल एक रास्ते पर चलता है। आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें नीचे कमेंट कर जरूर बताएं। 
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