खुद को दूसरों से Compare करने वाले जरूर पढ़ें

 खुद को दूसरों से Compare क्यों न करें

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Motivational Story in Hindi


दोस्तों, ये कहानी एक MBA Graduate Student की लाइफ के ऊपर है। जिसकी Graduation लगभग उस time पर हुई जब मार्केट में रिसेशन हिट किया। एक young स्टूडेंट की तरह उसकी Graduate को लेकर कुछ यादें थी, आशाएँ थी, उम्मीदें थी, अपने लाइफ को लेकर। मगर इस कहानी का जो किरदार है वो हमेशा अपने सपनें और लक्ष्य को लेकर किसी दूसरे से compare करता रहता था। वो हमेशा अपने आप को दूसरों के साथ compare करता रहता था कि हम उसके मुकाबले अब तक कहाँ तक पहुँच चुके है। अगर ये आगे रहता तो बहुत खुश होता लेकिन अगर पीछे होता तो बहुत निराश हो जाता था।

दोस्तों, मैं जानता हूँ की आप सभी ये कहानी इस तरह समझ नहीं आएगा। इसलिए इस कहानी में हमलोग दो नाम को जोड़ रहे है ताकि आपको समझने में आसान हो। इस कहानी में एक रवि नाम का लड़का है जो अपने Graduation को लेकर काफी उम्मीदें और आशाएँ लगा रखा है। लेकिन इसकी एक बुरी आदत यह है कि वो हमेशा किसी दूसरों के साथ अपने आप को Compare करता रहता है। अगर वह किसी दूसरें से आगे रहता है तो बहुत खुश होता है, मगर अगर वह पीछे होता है तो बहुत ही दुखी रहता है।

जैसे ही रवि का Graduation कम्प्लीट हुआ उसका कोई दोस्त ऑस्ट्रेलिया चला गया तो कोई कनाडा चला गया। इसके कुछ दोस्त तो अपने पिताजी के बिज़नेस में सेटल हो गया। मगर रवि की जो उम्मीदे थी जॉब्स को लेकर वो पूरी नही हो पाई। जिस प्रकार का जॉब रवि चाहता था उसको वैसा जॉब नहीं मिल सका। यह लड़का हमेशा सभी से आगे रहा करता था मगर ऐसा इसके जिंदगी में पहली बार हुआ था। रवि बहुत चिंतित था इस बात को लेकर की हमारे माता-पिता ने लोन लेकर हमें पढ़ाया है फिर भी हमारे साथ ऐसा क्यों हो रहा है। इसे अच्छी जॉब भी नहीं मिल पा रहा था। यह लड़का बहुत ही निराश था।

एक दिन निराश होकर रवि जंगल की ओर चला गया। और वहाँ बैठकर खुद को कोष रहा था, अपने जिंदगी को कोष रहा था। मान लो जैसे वह भगवान से बात चित कर रहा हो- भगवान मेरा जिंदगी जीने का अब कोई उद्देश्य नहीं रहा। मैं तो ये सोचता हूँ की हमे अपने जिंदगी को यही खत्म कर लेना चाहिये। रवि उस जंगल में बैठकर अपने आप से बात करता है कि भगवान आपने तो हमारे जीवन में कोई उम्मीद की किरण छोड़ा ही नहीं है। इसलिए मेरा मन यही पर सुसाइड कर लेने का करता है। 

दोस्तों इस लड़के रवि को निराशा इस बात की नहीं है कि इसको जॉब नही मिला बल्कि इसके करीबी दोस्त इसके आगे इतने स्पीड से बढ़ा की यह लड़का अपने आप को हारा हुआ इंसान मानने लगा। अचानक उस जंगल में से एक आवाज आई जैसे मान लो वहाँ भगवान खुद प्रकट हुए। वह आवाज था- बेटा तुम इतने उदास और निराश हो अपने सवाल को लेकर। जरा इस जंगल में अपने आसपास के लोगो को देखों तुम्हारे सवाल का जबाब मिल जायेगा। जो तुम जीवन जीने की उम्मीद की किरण ढूंढ रहे हो वो भी मिल जायेगा। 

इस आवाज को सुनकर वो थोड़ा हैरान हुआ और अपने आसपास देखने लगा तो उसे एक थोड़ी लंबी, कड़ी और मजबूत झाड़ी दिखाई दी जो लगभग 3 से 4 फिट लंबी हो चुकी थी। ये झाड़ी काफी हरी थी और घनी भी थी। उसके दूसरे तरफ मिटटी से एक छोटा सा अंकुर फुट कर निकल रहा होता है। इस दोनों दृश्य को देखकर उसने हवा से कहा मैं कुछ समझा नहीं। फिर से उस आवाज ने बोली- बेटा ये जो तुम झाड़ी देख रहे हो एक तरफ और दूसरी तरफ ये जो बाँस का अंकुर फुट रहा है जो अभी धरती से निकल ही रहा है। 

आवाज ने कहा- बेटा मैंने इस झाड़ी और बाँस दोनों का बीज एक ही समय लगाया था। इन दोनों को बराबर धुप मिली, बराबर पानी दिया, बराबर जमीन दी, बराबर वातावरण दी मगर दोनों को बढ़ने में अलग-अलग वक्त लगा। झाड़ी आज जहाँ बड़ी हो चुकी है वही बाँस अभी धरती से निकल ही रही है। अगर इस दोनों की तुलना करे तो झाड़ी अपने जीवन में बढ़ने का लक्ष्य तो जीत चुकी है। बेटा जब ये झाड़ी बढ़कर बड़ी हो रही थी उस समय बाँस का बीज जमीन के अंदर था, वो आशा और उम्मीदें नहीं छोड़ा था बल्कि वो अपने जड़ को मजबूत कर रहा था। 

झाड़ी और बाँस के बढ़ने की तुलना नहीं की जा सकती है। इस सृष्टि में हर चीज अपने समय पर ही अपने रफ्तार से बड़ी होती है। बेटा किसी और की तरक्की देखकर कभी निराश नहीं होना चाहिए उसे उस आवाज ने सिखाया और समझाया। झाड़ियाँ तो जल्दी ही बड़ी हो जाती है और वृक्षो को बढ़ने में समय लगता है। मगर इस दोनों की बढ़ने की रफ़्तार इस सृष्टि में बराबर ही होती है। ये सुनकर रवि के मन में फिर से उम्मीद की किरण जाग उठी।

दोस्तों, इस कहानी का अर्थ ये निकलता है कि हमें अपने जिंदगी में कभी किसी दुसरो से Compare नहीं करना चाहिए। जैसे इस कहानी में एक बाँस और झाड़ी के बीच नहीं किया जा सकता। मैं जानता हूँ की हर किसी का जीवन किसी न किसी संघर्ष से लड़ता और जूझता हुआ रहता है। हमारे जीवन में भी ऐसे बहुत सारे संघर्ष आये लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। 

अगर इस कहानी के बारे में हमें कोई और भी अपडेट मिलता है तो हम जल्द ही इस कहानी को अच्छे ढंग और रूप से आप सभी के सामने प्रकट करने का कोशिश करूँगा। धन्यवाद ।

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