हंता वायरस क्या है और कितना खतरनाक है हंता वायरस

अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र या CDC के मुताबिक, हंता वायरस का पहला मामला 1993 में आया था। हंता वायरस चूहों से फैलने वाला एक रोग है। यह वायरस इंसानों में संक्रमित चूहों के द्वारा फैलता है। एंडीज वायरस हंता वायरस का ही एक प्रकार है।

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HuntaVirus Detail in Hindi

हंता वायरस क्या है ? [ Hunta Virus ] 

हंता वायरस उस वायरस परिवार का एक सदस्य है जो आमतौर पर चूहों के द्वारा फैलता है। कोई व्यक्ति इस वायरस के संपर्क में तभी आता है जब वो संक्रमित चूहों के संपर्क आता है। इंसानों में हंता वायरस के संक्रमण के मामले ज्यादातर उन ग्रामीण इलाकों में देखी गई है जहाँ जंगल, मैदान और खेत में संक्रमित चूहों के रहने के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है। यानि की हंता वायरस का संबंध ग्रामीण इलाकों से है। हंता वायरस संक्रमित चूहों के द्वारा फैलने वाला एक वायरस या रोग है। 

अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में सिन नॉम्ब्रे हंता वायरस जिसे चूहे की एक खास प्रजाति द्वारा फैलाया जाता है। सिन नॉम्ब्रे चूहे की एक खास प्रजाति है जो हंता वायरस संक्रमण के मामलों के लिए ज्यादातर जिम्मेदार है। इसी के जैसे हंता वायरस के कई और भी प्रकार है जो सफेद पैर वाले चूहे और कपास में रहने वाले चूहों को अपना निशाना बनाते है। जिससे ये चूहे इंसानों के करीब आने पर उन्हें भी इस वायरस से संक्रमित कर देता है। 

अमेरिका में इस वायरस परिवार को न्यू वर्ल्ड हंता वायरस के नाम से जाना जाता है। इस की वजह से होने वाली बीमारी को हंता वायरस पल्मोनरी डिजीज कहा जाता है जो साँस की काफी गंभीर बीमारी मानी जाती है। 

➡️हंता वायरस पल्मनरी सिंड्रोम SARS COV 2 की वजह से हुआ था। इस वायरस के कारण हेमोरेजिक फीवर विथ रीनल सिंड्रोम होता है। 

➡️हंता वायरस इंसानों के द्वारा नहीं फैलता है बल्कि यह चूहों के द्वारा फैलता है। CDC के एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वायरस कुतरने वाले जीवों से फैलता है। 

➡️यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन के मुताबिक हंता वायरस की करीब 21 प्रजातियाँ मौजूद है। 

➡️हंता वायरस से संक्रमित चूहा या गिलहरी अगर किसी इंसान को काट ले तो इससे ये वायरस फ़ैल सकता है। हंता वायरस चूहों के मलमूत्र के संपर्क में आने से भी फैलता है। 

➡️CDC के मुताबिक घरों में रहने वाले चूहे इस वायरस के संक्रमण का खतरा बढाती है। घर में मौजूद चूहा अगर कुछ खाता है और इंसान उस झूठे खाने के संपर्क में आता है तो हंता वायरस से संक्रमित होने का खतरा हो सकता है। इसलिए आप चूहों के झूठे खाना का इस्तेमाल कभी न करे। 

हंता वायरस का लक्षण और पहचान : 

किसी व्यक्ति या इंसान में हंता वायरस का लक्षण दिखाई देने में लगभग 8 हफ़्तों का समय लगता है। यानि इंसानों में हंता वायरस का लक्षण दिखाई देने में 8 हफ्ते लग सकते है। ये लक्षण आमतौर पर तभी दिखाई देता है जब व्यक्ति संक्रमित चूहे के मलमूत्र या स्लाइवा ( लार ) के संपर्क में आया हो। 

हंता वायरस से संक्रमित लोगों में बुखार, थकावट, मांसपेशियों में दर्द, सर दर्द, कंपकपी और पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। संक्रमित होने के 4 से 10 हफ्ते के भीतर इंसानों में खाँसी और साँस लेने में तकलीफ जैसी समस्या दिखाई पड़ सकती है। 

CDC की माने तो, हंता वायरस में मृत्यु दर 38 फीसदी होती है। अगर कोई इंसान इसके लक्षण को अनदेखा करता है तो उसकी मृत्यु हो सकती है। हंता वायरस आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। 

CDC के मुताबिक, हंता वायरस का अभी तक कोई स्पेसिफिक इलाज नहीं मिला है। अगर इस संक्रमण का पहचान ठीक समय पर कर लिया जाए तो डॉक्टरों की देख रेख में ठीक किया जा सकता है। 

चूहों का प्रकोप ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में देखा जाता है। ग्रामीण इलाके में कच्चे मकान होते है जहाँ चूहे अपना बसेरा बना लेते है। चूहा अगर आपका खाना जूठा कर दे तो आप उसे मत खाए। अपने खाने वाले सामानों को चूहों से बचाकर रखे। 

अगर आपके पास हंता वायरस से संबंधित कोई और जानकारी हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर शेयर करे जिससे आपका जानकारी हर किसी के पास पहुँच सके। याद रखे, आपकी हर एक सही जानकारी किसी न किसी की जान बचा सकती है।

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