क्वारंटाइन क्या है ? क्वारंटाइन का मतलब क्या है ? जानिए क्वारंटाइन के पूरी इतिहास को

जब भी आप कोरोना वायरस से जुड़ी समाचार को पढ़ते या देखते है तो उस समय आप Quarantine शब्द को जरूर देखा या सुना होगा। आखिर ये क्वारंटाइन क्या है और इसका मतलब क्या है ? आजकल लाखों-करोड़ों ऐसे लोग है जो क्वारंटाइन का मतलब नही जानते है। आखिर क्वारंटाइन का पहली बार इस्तेमाल कब और कहाँ किया गया था ? क्वारंटाइन का प्रयोग किन-किन बीमारियों के रोकथाम के लिए किया जाता है ? आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे क्वारंटाइन के पूरी इतिहास को। 

Quarantine kya hai yah kab shuru hua tha, Quarantine ka istemal kin kin bimariyon ko rokne ke lie kiya jata hai

क्वारंटाइन ( Quarantine ) क्या है और क्वारंटाइन का मतलब क्या है ? 

क्वारंटीन या क्वारंटाइन लैटिन शब्द का एक मूल शब्द है। यह क्वारंटेना से आया है जो वेनेशियन भाषा का एक शब्द है। क्वारंटाइन का मतलब 40 दिन होता है। Quarantine को हिंदी में संगरोध कहा जाता है। क्वारंटाइन एक प्रकार का प्रतिबंध है जो उनलोगों पर लगाया जाता है जिनसे कोई गंभीर बीमारी फैलने की खतरा होती है। क्वारंटाइन के दौरान किसी से मिलने जुलने और यहाँ तक की बाहर निकलने का भी इजाजत नहीं होता है। क्वारंटीन का आरंभ ग्रेट ब्रिटेन से प्लेग बीमारी को रोकने के लिए हुआ था।

अगर कोई बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाला होता है तब इस प्रकार के मरीज पर क्वारंटाइन का प्रतिबंध लगा दिया जाता है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाले बीमारी को कम्युनिकेवल डिजीज के अंदर रखा जाता है। इसे मेडिकल आइसोलेशन या कॉर्डन सेनिटायर कहा जाता है। कॉर्डन सेनिटायर का मतलब लोगो को एक ही जगह रहने की इजाजत होती है।

अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी ( जैसे- हैजा, प्लेग, कोरोना वायरस इत्यादि ) से संक्रमित है तो यह व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आकर उसे भी संक्रमित कर सकता है। कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फ़ैल जाती है इसलिए कोरोना से संक्रमित मरीजों को क्वारंटाइन किया जाता है। कोरोना से संक्रमित एक भी व्यक्ति को अगर खुला छोड़ दिया जाए तो वह हजारों, लाखों, करोड़ो यहाँ तक की पूरी मनुष्य जाती को भी नष्ट कर सकता है।

आपको ये बात जानकार हैरत होगी की क्वारंटाइन जानवरों पर लागू किया जाता है। जब जानवर में एक-दूसरे से फैलने वाली वायरस या बीमारी हो जाती है तब जानवर को भी क्वारंटाइन किया जाता है। क्वारंटाइन वृक्षों पर भी लागू होता है। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि जैसे देशों में इसका पालन बहुत ही सख्ती से किया जाता है। 

History of Quarantine : क्वारंटाइन का इतिहास 

क्वारंटाइन शब्द का जिक्र 7वीं शताब्दी में लेविटिक्स के द्वारा लिखी गई किताब में मिलता है। इस किताब में हर बीमार व्यक्ति को अलग रखने का जिक्र किया गया है। क्वारंटाइन को पहले ट्रेनटाइन कहा जाता था। ट्रेनटाइन का मतलब 30 दिन होता है। जब इसे बढ़ाकर 40 दिन किया गया तभी से इसे क्वारंटाइन कहा जाने लगा। 1448 में ट्रेनटाइन 30 दिनों से बढाकर 40 दिन का क्वारंटाइन कर दिया गया। 

इस्लामिक इतिहास के अनुसार 1838 में क्वारंटाइन को दस्तावेज के तौर पर दर्ज किया गया। 1492 में फैले चेचक और 1831 में फैले हैजा को रोकने के लिए क्वारंटाइन काफी मददगार साबित हुआ था। 19वीं शताब्दी में जब स्पेन में येलो फीवर नामक बीमारी फैला था तभी क्वारंटाइन के द्वारा ही इसे रोका गया था।

क्वारंटाइन का मतलब 40 दिन होता है। 1348-59 ई० के दौरान यूरोप की 30 फीसदी आबादी प्लेग नामक रोग के कारण मौत के मुँह में समा गई थी। 1377 ई० में क्रोएशिया ने अपने यहाँ आने वाले सभी जहाजों और यात्रियों को एक द्वीप पर 30 दिनों तक अलग रहने का आदेश जारी किया था। जिन जहाजों में किसी यात्री के संक्रमण होने या उसपर लदे हुए माल का संक्रामक होने का संदेह होता था तो उसे किसी 40 दिन के लिए एक अलग जगह रखा जाता था। 

अगर आपको सर्दी जुकाम या फिर कोरोना से संक्रमित होने का संदेह है तो आप अपने घर के किसी एक कमरे को क्वारंटाइन की तरह इस्तेमाल करे। या फिर अच्छे डॉक्टर से संपर्क करे। इस प्रकार के गंभीर रोगों को रोकने के लिए सरकार भी हेल्पलाइन नंबर जारी करती है आप उसपर कॉल भी कर सकते है। 


होम क्वारंटाइन क्या है और कैसे करे ? 

होम क्वारंटाइन का मतलब है कि घर के किसी एक कमरे को क्वारंटाइन की तरह इस्तेमाल करना। जिसमें कोई भी लोग प्रवेश न कर सकें। होम क्वारंटाइन बनाने से पहले इन बातों का ध्यान अवश्य रखें - 

होम क्वारंटाइन के लिए एक ऐसी कमरा को चुने जो हवादार हो और उसमें टॉयलेट की व्यवस्था भी हो। अगर उस कमरे में एक आदमी से अधिक लोग रहते है तो कृपया कर एक या दो मीटर की दुरी बनाए रखे। अगर उस घर में कोई बुजुर्ग व्यक्ति या गर्भवती महिला रहती है तो उससे दूर रहे। 

सभी देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है की होम क्वारंटाइन के द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। जैसा की आपलोग जानते होंगे की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड 19 यानि कोरोना वायरस को एक महामारी घोषित कर चुकी है। कोरोना वायरस का इलाज करने के लिए सबसे पहले इसके लक्षण को पहचानना बहुत जरूरी होता है। 

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को 60% से अधिक एल्कोहॉल वाले Hand Sanitizer का इस्तेमाल करे या फिर साबुन का प्रयोग करे। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर मत रुके। हर एक व्यक्ति से एक-दो मीटर की दुरी बनाकर ही बात करे या बैठे। मास्क जरूर पहनें।

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