थायरॉइड क्या है और क्यों होता है ? थायराइड से संबंधित पूरी जानकारी हिंदी में

आप अपने आस-पास थायराइड का नाम सुना ही होगा। थायराइड एक ऐसी बीमारी है जो पूरी दुनिया में काफी सारी लोगों को है। ये बीमारी पूरी दुनिया में काफी प्रचलित है इसके बावजूद भी कई लोग थाइराइड के बारे में नहीं जानते। जिन लोगो को थाइराइड की बीमारी होती है वे लोग भी इसके बारे में नहीं जानते। हम सभी ये तो जानते है कि थाइराइड एक बीमारी है जिसमें प्रतिदिन दवाई लेनी पड़ती है लेकिन ये कोई नहीं जानता की आखिर किस कारण से थाइराइड की बीमारी होती है और इसमें किस प्रकार की परेशानियाँ होती है। हमारे दिमाग में थाइराइड को लेकर कई सारे प्रश्न घूमते रहते है कि थाइराइड क्या है और इसका पता कैसे चलेगा ? थाइराइड का लक्षण क्या-क्या होता है ? थाइरॉइड जैसी बीमारी का सिंप्टम्स क्या है ? आइये अब हमलोग जल्दी से जानते है कि थाइरॉइड क्या है और क्यों होता है ? 

Thyroid kya hai aur kyon hota hai

थाइरॉइड क्या है ? 

हम सभी के पास एक गर्दन है और इस गर्दन के बीच में एक छोटी-सी तितली जैसी दिखने वाली ग्रंथि होती है, जिसे थाइरॉइड ग्रंथि कहते है। यानि गर्दन के बीच वाली हिस्से के अंदर स्थित बटरफ्लाई के आकार के ग्रंथि को थाइराइड ग्रंथि कहा जाता है। ये छोटा-सा दिखने वाला थाइरॉइड ग्रंथि हमारे शरीर के बहुत बड़े-बड़े काम को करता है। जैसे की शरीर के अंदर होने वाली पाचन का ध्यान रखना, एनर्जी को कंट्रोल करना आदि।

थाइरॉइड ग्रंथि का सबसे बड़ा काम शरीर का विकास और डेवलपमेंट करने में भी होता है। हमारे शरीर में भोजन का कितना पाचन होना चाहिए और कितना तेजी से होना चाहिए, शरीर में कितना फैट और मसल बनना चाहिए आदि महत्वपूर्ण काम थाइरॉइड ग्रंथि ही करती है। थाइरॉइड ग्रंथि के काम का असर हमारे दिल, किडनी, लिवर और यहाँ तक की दिमाग पर भी पड़ता है। 

हमारे शरीर में थाइरॉइड ग्रंथि दो प्रकार का हार्मोन रिलीज करता है। पहला Thyroxine ( थायरोक्सिन ) जिसे संक्षेप में T4 कहा जाता है और दूसरा Triiodothyronine ( ट्राइओडो थैरोनीन ) इसे संक्षेप में T3 कहा जाता है। T3 और T4 हार्मोन के द्वारा थाइराइड ग्रंथि शरीर के कोशिका को संदेश भेजता है कि उन्हें कब ऑक्सीजन और पोषण की आवश्यकता है और कब नहीं।

जब शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है तब थाइरॉइड ग्रंथि से ज्यादा हार्मोन रिलीज होता है जिसकी वजह से हार्टबीट की गति तेज हो जाती है और पाचन की क्रिया भी जल्दी जल्दी होने लगती है। जब शरीर में एनर्जी की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब थाइरॉइड ग्लैंड हॉर्मोन्स को कम रिलीज करता है। यानि हम कह सकते है कि थाइराइड ग्लैंड एक मैनेजर की तरह काम करता है जो शरीर के पाचन और एनर्जी को कंट्रोल करता है।

जब थाइरॉइड ग्लैंड सही से काम नहीं करता है यानि सही मात्रा में अपने हार्मोन्स को रिलीज नहीं करता है तब इसी को हम थाइरॉइड की बीमारी कहते है। थाइरॉइड की समस्या दो प्रकार से होती है। पहला, थाइरॉइड ग्लैंड ज्यादा हार्मोन बनाने लगता है और दूसरा, थाइरॉइड ग्लैंड बहुत कम हार्मोन बनाने लगता है।

जब थायराइड ग्लैंड ज्यादा मात्रा में हार्मोन का निर्माण करता है तब इसे Hyperthyroidism कहते है। और जब थाइरॉइड ग्लैंड बहुत कम मात्रा में हार्मोन का निर्माण करने लगता है तब इसे Hypothyroidism कहते है।

Hypothyroidism : इस कंडीशन में थायराइड ग्रंथि बहुत कम हार्मोन स्रावित करता है जिसकी वजह से शरीर का पाचन शक्ति कमजोर हो जाता है। जिन लोगों में हाइपोथायोरोडिज्म का लक्षण होता है उन्हें वजन बढ़ना, ज्यादा थकान होना, ज्यादा ठण्ड लगना, जोड़ो का सूज जाना, बालों का झड़ना, त्वचा का रूखापन हो जाना और लड़कियों में पीरियड्स में परेशानी आना जैसी दिक्कत होती है। 

Hyperthyroidism : इस कंडीशन में थायराइड ग्रंथि बहुत ज्यादा मात्रा में हार्मोन स्रावित करता है। Hyperthyroidism बीमारी में दिल का धड़कन बढ़ जाता है, ज्यादा भूख लगती है, वजन का घटना, ज्यादा गर्मी लगना जैसी परेशानियाँ हो सकती है। हाइपरथायोरोडिज्म वाले लोगो को ज्यादा पसीना, बेचैनी, नींद न आना जैसी परेशानियाँ भी हो सकती है।

तो आपने देखा की थायरॉइड का लक्षण उल्टा भी हो सकता है। थाइरॉइड बीमारी से किसी का वजन बढ़ता है तो किसी का घटता भी है। किसी को बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है तो किसी को बहुत ही ज्यादा एनर्जी भरा महसूस होता है। अगर आपमें इनमे से कोई लक्षण दिखाई देता है तो आप डॉक्टर से मिले और सलाह ले की आपको थाइरॉइड है या नहीं। अगर है भी तो कौन सी थाइरॉइड है।

खून की जाँच से पता चल जाता है कि आपको थाइरॉइड है या नहीं। खून की जाँच से ही आपको पता चलेगा कि कौन-सा थाइरॉइड है। अगर आपके खून में T3 और T4 हार्मोन की मात्रा ज्यादा है तो आपको Hyperthyroidism है और अगर आपके खून में T3 और T4 हार्मोन की मात्रा कम है तो आपको Hypothyroidism है। 

थाइरॉइड ग्लैंड का सही से न काम करने के कई सारे कारण हो सकते है। जैसे खाने में आयोडीन की कमी होना या खाने में ज्यादा आयोडीन की मात्रा होना। थाइरॉइड ग्रंथि किसी भी प्रकार के दवा के साइड इफेक्ट से भी खराब हो सकता है। अगर परिवार में किसी को थाइराइड है तो आपको भी होने का खतरा बढ़ जाता है।

अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि थाइरॉइड की बीमारी के लिए तनाव/स्ट्रेस को दोषी ठहराया जा सके। थाइराइड की बीमारी का इलाज करने के लिए आपको प्रतिदिन गोलिया खानी पड़ेगी। जब तक दवाइयों का सेवन करते रहेंगे तब तक आपको थाइरॉइड से राहत मिलेगी।

हमने काफी सारे लोगो को कहते हुए सुना है कि उन्होंने खानपान, व्यायाम और योग की मदद से अपने थाइरॉइड को ठीक कर लिया है। थाइरॉइड को ठीक करने के लिए यूट्यूब पर भी कई सारे घरेलु नुस्खे बताये गए है। लेकिन असल में हमे ये मालूम नहीं है कि ये नुस्खे और आदते कितने फायदेमंद है।

अगर आपको भी किसी प्रकार की थाइरॉइड की परेशानी थी तो अपने उसे किस प्रकार से ठीक किया है नीचे कमेंट में लिखकर जरूर बताये।

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