मोबाइल फोन का रेडिएशन मनुष्य के लिए कितना खतरनाक है ? Mobile Phone Radiation in Hindi

जब भी हमलोग कोई नया मोबाइल फोन खरीदते है तो सबसे पहले उस फोन के कैमरे, बैटरी, रैम और स्टोरेज को देखते है। क्या आपने कभी मोबाइल फोन खरीदने से पहले उसके रेडिएशन को जानने की कोशिश की है। आखिर ये रेडिएशन होता क्या है ? मोबाइल फोन का रेडिएशन मनुष्य के लिए कितना खतरनाक है ? क्या मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी बीमारियाँ हो सकती है ? मोबाइल फोन का रेडिएशन काम कैसे करता है ? आपके मन कुछ ऐसा ही सवाल घूम रहा होगा। आप चिंता ना करे इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपका सारा कंफ्यूजन दूर हो जायेगा और मोबाइल रेडिएशन से जुड़ी हर सवालों का जबाब भी मिल जायेगा।

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हमारे मोबाइल फोन की रेडिएशन की वजह से कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती है। हमलोग इस रेडिएशन को देख नहीं पाते है। लेकिन रेडिएशन पर शोध करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि मोबाइल फोन का रेडिएशन खतरनाक है। इससे तरह तरह की बीमारियाँ हो सकती है।


मोबाइल फोन रेडिएशन क्या है ? 

Radio Frequency एक Electromagnetic Radiation का ही प्रकार है। Electromagnetic Radiation को दो भागों में बांटा गया है - Ionising और Non-ionising । मोबाइल फोन के रेडिएशन को Non-ionising के अंतर्गत रखा गया है। Non-ionising को हिंदी में गैर आयनीकरण कहते है। गैर आयनीकरण रेडिएशन के अंतर्गत माइक्रोवेव, रेडियो तरंगे और दिखने वाला प्रकाश आता है। 

Radiation को हिंदी में विकिरण कहते है। रेडिएशन वातावरण में फैला एक प्रकार का ऊर्जा होता है जो तरंग के रूप में चलता है। इसे रेडियो वेव कहा जाता है। कुछ तरंगों को इंसानो द्वारा बनाया गया है तो कुछ तरंग प्राकृतिक भी है। आपको बता दे की सूरज की रौशनी भी एक प्रकार का रेडिएशन है लेकिन यह नुकसान नहीं पहुँचाता है। 

WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि मोबाइल रेडिएशन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है। एक रिसर्च में ये भी बताया गया है कि अगर कोई इंसान 50 मिनट से ज्यादा अपने फोन को कानों में लगाकर बात करता है यानि इस्तेमाल करता है तो इसका रेडिएशन आपके दिमाग के कोशिकाओं को प्रभावित करता है। ऐसा प्रतिदिन करने से आपके दिमाग को काफी नुकसान पहुँच सकता है। 

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मोबाइल का रेडिएशन मापने का एकमात्र तरीका SAR है। SAR को Specific Absorption Rate कहा जाता है। SAR के द्वारा ही हमें पता चलता है कि हमारा शरीर कितने रेडिएशन को ग्रहण कर सकता है। हमारे देश भारत में SAR का मानक पहले से ही तय किया गया है। इसके अनुसार हमारे देश भारत में प्रत्येक मोबाइल फोन का SAR Value 1.6 वाट प्रति किलोग्राम ( 1.6 W/Kg ) से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर किसी मोबाइल फोन का SAR Value 1.6 W/Kg से ज्यादा होता है तो वह मोबाइल फोन शरीर को हानि पहुँचा सकता है। 


How to Check Mobile Phone SAR Value : मोबाइल का रेडिएशन SAR Value कैसे चेक करते है : 

अगर आप अपने मोबाइल फोन का SAR Value चेक करना चाहते है तो आप अपने मोबाइल फोन में *#07# को डायल करे। इस नंबर को डालते ही आपके मोबाइल फोन के रेडिएशन की जानकारी दिखा देगी। इस नंबर के डालने के बाद आपको दो प्रकार के रेडिएशन की जानकारी मिलेगी, पहली हेड और दूसरी बॉडी। हेड का अर्थ- जब आप अपने फोन को कानो से लगाकर बात करते है उसके लिए हेड रेडिएशन होती है। और जब अपने फोन को पॉकेट में रखकर घूमते है उसके लिए बॉडी रेडिएशन होती है। मोबाइल फोन का SAR Value जितना कम होगा उतना ही आपके लिए उपयोगी होगा। 

मोबाइल फोन के रेडिएशन से बचने के लिए कुछ सावधानियाँ : 

किसी भी मोबाइल फोन के रेडिएशन को कम तो नहीं किया जा सकता है लेकिन इससे बचने के लिए कुछ सावधानियाँ जरूर बरतनी चाहिए। जैसे - 

🔺 अपने मोबाइल को चार्ज में लगाकर कभी किसी से कॉल पर बाते न करे। 

🔺 कॉल करने के लिए हो सके तो इयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करे। 

🔺 मोबाइल फोन में प्रोटेक्टिव केस/कवर का इस्तेमाल अवश्य करें। 

🔺 अपने फोन को शर्त वाली पॉकेट में कभी न रखे। 

🔺 आजकल बहुत सारे एंटी रेडिएशन चिप बाजारों में मिल जाती है, जिसका भी इस्तेमाल आप कर सकते है। 

अब मैं आशा करता हूँ की आपलोग जब भी कोई नया फोन खरीदेंगे तो उसका रैम, स्टोरेज, कैमरा, प्रोसेसर आदि के साथ-साथ इसके SAR Value यानि रेडिएशन को देखकर खरीदेंगे। प्रत्येक मोबाइल फोन का SAR Value उसके डब्बे पर दिया गया होता है।
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