कौन-सा खाद्य पदार्थ हजारों साल तक खराब नहीं होता है ? General Knowledge in Hindi

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GK in Hindi General Knowledge कौन सा खाद्य पदार्थ हजारों साल तक खराब नहीं होता है ? : बहुत सारे ऐसे खाद्य पदार्थ है जो एक से दो दिन में ही खराब हो जाती है। उदाहरण के लिए, आपके घर में बनने वाली सुबह-शाम की खाना जैसे की रोटी, चावल, खीर, सब्जी आदि। कुछ ऐसे भी खाद्य पदार्थ है जो बहुत दिनों तक रखने के बाद भी खराब नहीं होता है। जैसे की पैकेट का सामान, आदि। ऐसे में आज हम आपको बताएँगे की वह कौन-सा खाद्य पदार्थ है जो हजारों साल तक खराब नहीं होता है ? साथ ही इसके इस्तेमाल के फायदे और नुकसान को भी बताएँगे।

कौन-सा खाद्य पदार्थ हजारों साल तक खराब नहीं होता ? 

★★  Honey ( शहद )  ★★

Honey को हिंदी में शहद या मधु कहा जाता है। यह एक मीठा और तरल खाद्य पदार्थ है। शहद एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे हजारों साल तक रखने के बाद भी खराब नहीं होता है। शहद के बारे में कौन नहीं जानता है कि यह मधुमक्खियों के छत्ते से निकाला जाता है। शहद खाने के कई फायदे भी है। जो हम इस आर्टिकल में जरूर बताएँगे। साथ ही हम आपको ये भी बताएँगे की शहद मीठा किस कारण से होती है ? 

शहद के बारें में विशेष जानकारी : 

 

शहद को अंग्रेजी में honey कहा जाता है। इसे मधु भी कहा जाता है। जब मधुमक्खियाँ फूलों से रस चूसकर अपने छत्ते में जमा करा करता है तब उसी छत्ते से शहद बनकर निकलता है। शहद का मीठापन ग्लूकोज और फ्रक्टोज के कारण होता है। जैसा की हम जानते है शहद का प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। शहद का उपयोग प्राचीन समय से होता आ रहा है। शहद में ग्लूकोज, शर्करा, विटामिन, खनिज आदि तत्व पाया जाता है। 

आपको बता दें कि, शहद का उपयोग घाव को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। इतना ही नहीं यह ऊतकों के निर्माण में भी सहायक होता है। प्राचीन समय में शहद को जीवाणु-रोधी औषधि के रूप में जाना जाता था। शहद एक प्रकार के हायपरसमोटिक एजेंट की तरह कार्य करता है जो घाव से तरल पदार्थ को निकाल कर उसकी भरपाई करता है। शहद को घाव पर लगाने से घाव के आसपास की जीवाणु मर जाती है। 

शहद एक प्रकार का स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक आहार है जिसके उपयोग से त्वचा सुंदर और चमकीला होता है। इसके उपयोग से शरीर की मोटापा को कम किया जा सकता है। अगर आप अपने शरीर के बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान है और आपको जिम या व्यायाम करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है तो आप शहद का प्रयोग करके अपने शरीर को स्लिम और फिट रख सकते है। शहद में बहुत सारे जटिल कार्बोहाइड्रेट पाए जाते है। 

मधु या शहद कई प्रकार के होते है। इसका वर्गीकरण मधुमक्खियों द्वारा मधुरस जमा किए गए संसाधन के अनुसार किया जाता है। शोधन की प्रक्रिया के अनुसार भी मधु कई प्रकार की होती है। 

निष्काषित मधु : इसे छाना हुआ शहद कहा जाता है। इस प्रकार के मधु डायरेक्ट मधुमक्खी के छत्ते से निकाला जाता है। यह सबसे शुद्ध मधु होता है। तरल मधु एक दम चिकना होता है। यह रवेदार नहीं होता है। रवेदार मधु रवेदार होता है जो की क्रिस्टलीय होती है। 

निचोड़ने से प्राप्त शहद : इस प्रकार का मधु मधुमक्खियों को मारकर या भगाकर प्राप्त किया जाता है। जैसे की मधुमक्खी के छत्ता को धुआँ दिखाने पर वह अपना छत्ता छोड़कर भाग जाता है जिसे हम अपने हाथों से उसके छत्ते को निचोड़कर उसका रस निकालते है। निचोड़कर निकाला गया शहद अशुद्ध ही नहीं बल्कि यह बहुत जल्दी खराब भी हो जाता है। 

शहद के और भी कई तरीकें है जो इस प्रकार है - अम्बार कॉम्ब मधु, काट कॉम्ब मधु, चंक मधु, खंड कॉम्ब मधु, व्यक्तिगत खंड कॉम्ब मधु, आदि।

मधु या शहद ऊर्जा से भरपूर आहार है जो दूध के साथ मिलने पर संपूर्ण आहार बन जाता है। इसमें, लवण, विटामिन, खनिज आदि तत्व प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। इसका उपयोग किसी भी आयु वर्ग के लोग कर सकते है क्योंकि यह हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायक होता है। ऐसा माना जाता है कि एक किलोग्राम शहद की ऊर्जा 13 किलोग्राम दूध के बराबर होती है। 

मैं आशा करता हूँ की आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में हमने आपको शहद के बारे में कुछ खास और महत्वपूर्ण जानकारी बताई है। आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों में जरूर शेयर करे। धन्यवाद।

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