बेरूत धमाका 2020 : बेरूत धमाके की पूरी जानकारी - 101 Gyani

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लेबनान की राजधानी बेरूत में एक बहुत बड़ा धमाका 4 अगस्त 2020 को शाम 06 : 08 बजे हुआ। यह धमाका बेरूत के बंदरगाह पर हुआ जिसमें 200 से अधिक लोग मारे गए और 100 से अधिक लोग लापता हो गए। इस धमाके में 6,000 से अधिक लोग घायल भी हो गए। वहाँ के राज्यपाल मरवान अबाउद के अनुसार 2 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए थे। ( ये जानकारी विकिपीडिया से ली गई है ) आइये अब हम आपको बताते है कि ये घटना किस प्रकार से घटित हुआ -

2013 में जॉर्जिया से एक जहाज निकला था जो अफ्रीका के मोजाम्बी तट जाने के लिए था। लेकिन वह जहाज जैसे ही लेबनान के बेरूत बंदरगाह पर पहुँचा तो वह रुककर अपने जहाज में ईंधन लेने लगा। इसी बीच बेरूत बंदरगाह के अधिकारियों ने उस जहाज की जाँच-पड़ताल की तो उसने पाया कि इस जहाज में अमोनियम नाइट्रेट है। चूँकि अमोनियम नाइट्रेट एक विस्फोट की श्रेणी में आता है इसलिए वहाँ के अधिकारियों ने उस जहाज को रोके रखा और उसकी कागज माँगने लगे जैसे की ये अमोनियम नाइट्रेट कहाँ से आया है और कहाँ ले कर जा रहे हो।

बेरूत बंदरगाह के अधिकारियों ने जाँच-पड़ताल के बाद पाया कि इसके जो मालिक है उसके पास इसका कोई कागज यानि कोई प्रमाण ही नहीं है। इस तरह से जाँच-पड़ताल का मामला लगभग दो सालों तक चला। इसके बाद 2015 में वहां के अधिकारियों ने उस जहाज में उपस्थित अमोनियम नाइट्रेट के सभी कंटेनरों को बेरूत के बेयर हाउस में रख दिया गया था। ( उदाहरण के लिए, जैसे भारत में किसी गाड़ी को पुलिस पकड़ लेता है जिसकी कागज नहीं होती है वैसी गाड़ियां थाने में सड़ते रहती है ) ।

उस जहाज से लगभग 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट जब्त किए गए थे जो की 2015 से बेरूत के बेयर हॉउस में रखा हुआ था। जैसा की हम सभी जानते है अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग खाद ( उर्वरक ) के रूप में इसलिए किया जाता है क्योंकि यह नाइट्रोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। साथ ही अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग कोयला खाद्यानों में विस्फोट करने के लिए किया जाता है।

चूँकि अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यन्त ज्वलनशील पदार्थ है जिसे ऐसा जगह रखना चाहिए जहाँ पानी का कोई रिसाव न हो और साथ ही वह जगह फायर प्रूफ ( आग बुझाने की हर सामग्री उपलब्ध ) हो। लेकिन बेरूत बंदरगाह के अधिकारियों ने उतनी बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट जब्त किए थे जिसे आनन-फानन में ऐसे ही एक साधारण से बेयर हाउस में रख दिया।

जिस बेयर में हाउस में उतनी बड़ी में मात्रा ( 2750 टन ) में अमोनियम नाइट्रेट रखा हुआ था उसमें अचानक से विस्फोट हुआ। यह विस्फोट इतना भयानक हुआ की बेरूत बंदरगाह की नक्शा ही बिगड़ गई। इस विस्फोट से दूर-दूर के इमारतों के काँच टूट गए। इतना ही नहीं वहाँ उपस्थित बड़े-बड़े इमारत भी ध्वस्त हो गए, सड़क पर लगी गाड़ियाँ भी उल्ट गई थी। यह विस्फोट इतना भयानक था कि इसकी आवाज लेबनान से 200 किमी दूर सायप्रस एक देश है जहाँ तक इसकी आवाज सुनाई दी।

इस विस्फोट के होने से बेरूत के बंदरगाह पर जो बड़े-बड़े गोदाम में थे वे सब क्षतिग्रस्त हो गया था। इस विस्फोट में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस तो थी लेकिन सड़क पूरी तरह से मलवा से जाम हो गया था। इसलिए घायल लोगो को उसी जगह पर लेटाकर उसकी ईलाज की गई। विस्फोट होने के बाद उस देश को अंतर्राष्ट्रीय सहायता की जरूरत पड़ेगी।

शुरुआती दौर में वहाँ के लोगों को मानना था कि किसी देश ने हमला किया, कुछ लोगो का कहना था कि यह घटना तेल भंडारण गोदामों से हुआ। लेकिन वहाँ के सार्वजनिक सुरक्षा महानिदेशक ने बताया कि यह विस्फोट अमोनियम नाइट्रेट से हुआ है जो की एमवी रोसस नामक जहाज से जब्त किया गया था।

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