किस फूल पर भँवरा नहीं बैठता है ? | Interesting Knowledge in Hindi

यह बहुत ही अद्भुत सवाल है की, किस फूल पर भंवरा नहीं बैठता। सभी फूलो पर भंवरा और तितलियाँ बैठती है और उन फूलो से रस लेती है। जिसके कारण सभी फूलो का परांगण होता है। लेकिन क्या आप ये जानते है की किस फूल पर भँवरा या तितली नहीं बैठती है ? आइये जानते है - 

किस फूल पर भँवरा नहीं बैठता है ? 

चंपा एक मात्र फूल ऐसा है, जिसके ऊपर कभी भी भंवरा या तितलियाँ नहीं बैठती है। इसका कारण इस फूल से निकलने वाले सुगंध मैं किसी तरह का कोई पदार्थ हो सकता है। 

भंवरा चंपा के फूल की उत्कट गंध के कारण इनके आस-पास भी नहीं भटकते ! ना केवल भंवरा बल्कि चंपा के फूल के पास ततैया, मधुमखिया भी नहीं बैठते और इसके पीछे का कारण हैं इसका परागण नहीं होता ! यह फूल वासना रहित माना जाता है ! 

 चंपा फूल

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चंपा के फूल का पेड़ हमेशा हरा रहता है | पेड़ के तने सीधे, बेलनाकार, गहरे भूरे या भूरे रंग के होते हैं | इसके पत्ते सीधे, 10-30 सेमी लम्बे, 4 से 10 सेमी चौड़े, नुकीले, चिकने और चमकीले होते हैं | चंपा के फूल सुंदर और बहुत ही ज्यादा सुगन्धित होते हैं | 
 
चंपा के पेड़ के फल 7.5 से 10 सेमी लम्बे, अण्डाकार या नुकीले अण्डाकार होते हैं | इसके फल गहरे भूरे रंग के होते हैं | चंपा के बीज गोलाकार, चमकीले होते हैं जो पक जाने पर गुलाबी या गहरे लाल रंग के हो जाते हैं | चंपा के पेड़ पर फूल अप्रैल से सितम्बर और फल दिसम्बर से फरवरी तक होता है | 
 
चंपा का पेड़ एक पर्णपाती है, जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का मूल निवासी है, और लगभग 15 से 25 फीट तक बढ़ता है। अन्य फूलों वाले पौधों की तरह, इसके फूल प्रसिद्ध सुगंधित और सुंदर होते हैं, और यह गर्मियों की शुरुआत से खिलता है। चंपा के फूलों में एक पीला केंद्र और एक सर्पिल में पाँच सफेद पंखुड़ियों की व्यवस्था होती है।
 
उष्णकटिबंधीय पौधे के रूप में, यह केवल गर्म जलवायु या ग्रीनहाउस में बढ़ता है। अन्य जगहों पर, इसे गमले में उगाया जा सकता है, और ठंड के मौसम में घर के अंदर यानी इनडोर में उगाया जा सकता है, लेकिन यह कई मौसमों में चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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