फोबिया क्या है | फोबिया के प्रकार | फोबिया के कारण और लक्षण | फोबिया का इलाज

फोबिया शब्द की उत्त्पत्ति ग्रीक शब्द 'फोबोस' से हुआ है, जिसका अर्थ होता है - डर या डरावनी | फोबिया किसी ऐसी चीज का तर्कहीन डर है जिससे अधिक नुकसान होने की संभावना नहीं होती है | उदहारण के लिए, हाइड्रोफोबिया का अर्थ होता है - पानी का डर | 

फोबिया क्या है ? | What is Phobia in Hindi :

डर और फोबिया में अंतर है | डर एक इमोशनल रिस्पोंस है जो धमकी या डांट मिलने के कारन होता है | यह कोई बीमारी नहीं होता है लेकिन फोबिया का डर बहुत ही खतरनाक होता है क्योंकि इसमें इन्सान अपनी जान से भी खेल सकता है | 

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को मकड़ी से डर लगता है तो वह उसे भगाने के लिए मकड़ी से भी लड़ सकता है | डॉक्टर्स का कहना है की, हर तरह के फोबिया में इलाज की आवश्यकता नहीं है लेकिन अगर किसी प्रकार की फोबिया आपके लाइफ पर बुरा असर डाल रहा है तो आप उसका इलाज करवा सकते है |

यदि किसी को फोबिया होता है तो उसे किसी खास वस्तु या स्थिति से बहुत डर लगता है | यह नियमित भय से बुल्कुल अलग होता है क्योंकि ये महत्वपूर्ण संकट पैदा करते है | ये घर, काम, ऑफिस, या स्कुल के जीवन में हस्तक्षेप करते है | फोबिया होने पर किसी इन्सान के मानसिक स्वास्थ्य पर बुराअसर पड़ता है | 

फोबिया सिर्फ डर ही नहीं बल्कि एक प्रकार की गंभीर बीमारी है, जो जीवन को प्रभावित कर सकता है | फोबिया में भय किसी निश्चित स्थान, स्थिति या वस्तु से हो सकता है | 

फोबिया किसी इंसान को किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन इसे जीवन में होने वाली डरावनी घटना और तनाव वाली परिस्थितियों से जोड़ा जाता है |

( DSM-5 ) डायगनोस्टिक एंड स्टैटिस्टिकल मैन्युल ऑफ मेंटल डिसऑर्डर के 5वें संस्करण में अमेरिकन साइकेट्रिक एसोसिएशन ने कई प्रकार की फोबिया का रुपरेखा तैयार किया है | 

फोबिया के प्रकार : 

सामान्य रूप से फोबिया के तीन प्रकार है - एगरोफोबिया, सोशल फोबिया और विशिष्ट फोबिया | विशिष्ट फोबिया को आमतौर पर पाँच श्रेणियों में बाँटा गया है |

एगरोफोबिया : 

इस फोबिया से पीड़ित इन्सान के मन में किसी अपरिचित स्थान या स्थिति में फँसने का डर बना रहता है | ऐसे में यह इंसान खुद को बचाना शुरू कर देता है लेकिन कुछ मामलों में यह भय इतना ज्यादा भयानक हो जाता है की उसे अपने घर छोड़ने का भी डर रहता है | 

सोशल फोबिया : 

सोशल फोबिया से पीड़ित इन्सान के मन में समाज से जुड़ी स्थितियों का डर बना रहता है | जैसे की - सोशल फोबिया से पीड़ित व्यक्ति, किसी भी कार्य को अन्य लोगों के सामने करने से डरते है क्योंकि उन्हें इस बात का डर रहता है की उन्हें समाज में सबके सामने शर्मिंदा न होना पड़े | 

विशिष्ट फोबिया : 

इस फोबिया से पीड़ित इंसान को किसी विशेष वस्तु जैसे की सांप, छिपकली, ऊंचाई, कुत्तों, उड़ान, मकड़ियों आदि से डर लगता है | वस्तुओं के डर के अनुसार फोबिया के कई प्रकार है जैसे की - क्लाउस्ट्रोफोबिया, एरोफोबिया, एक्नोफोबिया, एमिटोफोबिया, हाइपोकौद्रिया, जोफोबिया आदि | 

विशिष्ट फोबिया के पाँच श्रेणी इस प्रकार है - 

  • जानवरों से संबंधित भय ( कुत्तों, कीड़ों, मकड़ियों, सांपों, छिपकलियों आदि ) 
  • प्राकृतिक पर्यावरण से संबंधित भय ( ऊँचाई, गरगराहट, अँधेरा, पानी आदि ) 
  • रक्त, चोट या चिकित्सा मुद्दों से संबंधित भय ( इंजेक्शन, टूटी हड्डियाँ, गिरना, फिसलना, घाव आदि ) 
  • विशिष्ट स्थितियों से संबंधित भय ( उड़ान, लिफ्ट की सवारी, ड्राइविंग, स्विमिंग आदि ) 
  • अन्य स्थितियों से भय ( घुटन, तेज आवाज, डूबने कर डर आदि ) 

 इन श्रेणियों में विशिष्ट वस्तुओं और स्थितियों की एक अनंत संख्या शामिल है | DSM 5 में उल्लिखित चीजों से फोबिया की अधिकारिक सूचि नहीं है इसलिए आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक और शोधकर्ता उनके लिए नाम बनाते है | 

जैसे की - पानी ( हाइड्रो ) और डर  (फोबिया ) को मिलाकर पानी के डर का नाम हाइड्रोफोबिया दिया गया है | इसी तरह डर के डर को फोबोफोबिया नाम दिया गया है | 

फोबिया के कारण ( Cause of Phobia ) 

  • यदि कोई व्यक्ति अशांत जगह पर रहता है तो उसकी वजह से भी फोबिया हो सकता है क्योंकि यह आपके मन में एक तरीके का भय उत्पन्न कर सकता है | 
  • जिन लोगों के परिवार के किसी सदस्य को एंगजाइटी डिसआर्डर की शिकायत होती है, वे भी फोबिया के शिकार हो सकते है | 
  • कुछ लोग फोबिया को पर्यावरण का कारण भी मानते है | 
  • लंबे समय तक तनाव, चिंता और अवसाद होना इसका सबसे बड़ा कारण होता है | 

फोबिया से बचने के लिए तनाव, चिंता और अवसाद से स्वयं को दूर रखने की कोशिश करें | अगर आपको किसी काम का दबाब है तो उसकी वजह से तनाव बिल्कुल भी न लें | खुद को खुश रखने की कोशिश करें | 

फोबिया के लक्षण ( Symptoms of Phobia ) 

जिन व्यक्ति को फोबिया का दौरा पड़ता है, वैसे लोगों में तनाव, बेचैनी, सिर में भारीपन, कानों में अलग-अलग आवाजें सुनाई देना, दिल की धड़कन बढ़ जाना, पसीने आना, परिस्थितियों या लोगों से दूर भागना, साँस तेज होना, चक्कर आना, डायरिया, शारीर के हिस्से में दर्द महसूस होना, पेट खराब होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना या कम होना आदि जैसे दिक्कतें दिखाई देती है | 

फोबिया का इलाज ( Treatment of Phobia ) 

फोबिया के इलाज के लिए कोई एक खास इलाज नहीं होता है | हर मरीज का फोबिया और उसकी स्थिति अलग-अलग होती है | डॉक्टर्स बताते है की फोबिया के इलाज के लिए मनोवैज्ञानिक थेरेपी और मेडिकेशंस दोनों बेहद जरुरी होता है | 

फोबिया के इलाज के लिए CBT ( Cognitive Behavioral Therapy ) को सबसे अच्छा इलाज माना जाता है | इस थेरेपी से मरीज के सोच में बदलाव लाया जाता है | 

फोबिया की इलाज के लिए रोगी के थायरॉयड, ब्लड शुगर, डायबिटीज आदि की जाँच करना बहुत जरुरी होता है | 

→ Best Motivation Story in hindi 

→ ॐ मंत्र के जाप करने के फायदे 

Disclaimer : हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको फोबिया के बारें में जानकारी देने की कोशिश की है |

Post a Comment

Previous Post Next Post